शुक्रवार का व्रत मुख्य रूप से Lakshmi माता को समर्पित माना जाता है। कई परंपराओं में यह व्रत Santoshi Mata तथा Shukra (शुक्र ग्रह देव) की उपासना के रूप में भी किया जाता है।
नवग्रहों में शुक्रवार का स्वामी ग्रह शुक्र (Venus) है।
शुक्र ग्रह भौतिक सुख, ऐश्वर्य, दांपत्य सुख, कला, सौंदर्य, प्रेम, वाहन और विलासिता का कारक माना जाता है।
यदि कुंडली में शुक्र कमजोर या पीड़ित हो तो आर्थिक समस्या, वैवाहिक तनाव या सुख-सुविधाओं में कमी हो सकती है।
एक गरीब स्त्री प्रतिदिन श्रद्धा से लक्ष्मी जी का व्रत करती थी। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी ने उसके घर में धन-धान्य की वर्षा कर दी। उसके जीवन में सुख-समृद्धि आ गई।
लोकप्रिय कथा के अनुसार एक स्त्री ने 16 शुक्रवार तक व्रत रखा। उसे अनेक परीक्षाओं से गुजरना पड़ा, परंतु उसने नियम नहीं तोड़ा। अंत में Santoshi Mata की कृपा से उसके जीवन में सुख, समृद्धि और पारिवारिक शांति आई।
किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से आरंभ किया जा सकता है।
16 शुक्रवार व्रत विशेष प्रसिद्ध है।
दीपावली से पहले के शुक्रवार अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
दांपत्य सुख और आर्थिक उन्नति के लिए यह व्रत विशेष फलदायी है।
धन और समृद्धि की प्राप्ति
दांपत्य जीवन में मधुरता
पारिवारिक सुख
आर्थिक स्थिरता
सौंदर्य और आकर्षण में वृद्धि
शुक्र दोष की शांति
कला और संगीत में सफलता
जिनकी कुंडली में शुक्र कमजोर हो
आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग
वैवाहिक जीवन में तनाव हो
विवाह योग्य युवक-युवतियाँ
कलाकार, फैशन, फिल्म, डिजाइन, सौंदर्य उद्योग से जुड़े लोग
शुक्र ग्रह और लक्ष्मी उपासना का वर्णन विभिन्न पुराणों में मिलता है:
Vishnu Purana
Padma Purana
Bhagavata Purana
नवग्रह पूजा और शुक्र शांति विधान ज्योतिष शास्त्र में विस्तार से वर्णित हैं।
सुबह स्नान कर स्वच्छ या सफेद/गुलाबी वस्त्र पहनें
घर के पूजन स्थान पर लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
घर में स्वच्छता रखें (लक्ष्मी का विशेष नियम)
कमल या सफेद फूल
चावल
रोली
दूध
खीर
मिश्री
सुहाग सामग्री (यदि विवाहित स्त्री करें)
दीपक जलाएं (घी का दीपक)
लक्ष्मी मंत्र का जाप करें —
"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" (108 बार)
शुक्रवार व्रत कथा सुनें या पढ़ें
आरती करें
प्रसाद वितरित करें
✔️ खीर
✔️ दूध
✔️ फल
✔️ मीठा भोजन
✔️ सेंधा नमक
❌ खट्टा भोजन (विशेषकर संतोषी माता व्रत में)
❌ नमक (साधारण)
❌ मांसाहार
❌ शराब
❌ तामसिक भोजन
16वें शुक्रवार को कन्याओं को भोजन कराएं
सफेद वस्त्र या मिठाई दान करें
सुहाग सामग्री दान शुभ माना जाता है
आप Kaivalya Astro ऐप के माध्यम से शुक्रवार व्रत की पूरी प्रक्रिया कर सकते हैं।
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? 16 शुक्रवार ट्रैकिंग सुविधा
ऐप डाउनलोड करें
जन्म विवरण दर्ज करें
“ग्रह व्रत” सेक्शन में जाएं
“शुक्रवार व्रत” चुनें
कथा सुनें या पढ़ें
मंत्र जप काउंटर से 108 मंत्र पूरे करें
आवश्यकता हो तो ऑनलाइन पंडित से परामर्श लें
व्रत श्रद्धा और नियम से करें
घर की स्वच्छता बनाए रखें
स्वास्थ्य अनुसार उपवास का प्रकार चुनें
खट्टा भोजन न लें (यदि संतोषी माता व्रत हो)
शुक्रवार व्रत धन, दांपत्य सुख और समृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है। नियमित और श्रद्धापूर्वक किया गया व्रत जीवन में आर्थिक स्थिरता, पारिवारिक सुख और मानसिक संतुलन प्रदान करता है।
नोट: व्रत कथा पूजन सेवा राशि 1500 है जिसमे पंडित जी पूजन व कथा करेंगे |
Note: The cost of Vrat Katha Poojan Seva is Rs 1500 in which Pandit ji will perform the puja and katha.
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और सामग्री स्वयं से लानी होगी।
If it is done at home, the travel expenses will be payable separately and the material will have to be brought by yourself.
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