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करवा चौथ व्रत
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व्रत कथा की सेवा राशि 1500 है 

The service amount for the Vrat Katha is Rs 1500.

अपने घर पर करवाने पर आने जाने का व्यय अलग से देना होगा और सामग्री स्वयं से लानी होगी 

If you get it done at your home, you will have to pay for the travel expenses separately and bring the materials yourself.

करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा और अटूट विश्वास का पर्व माना जाता है। यह समर्पण, प्रेम और त्याग का संगम है।

1. तिथि और माह | Date and Month

  • तिथि (Tithi): यह व्रत प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

  • माह (Month): अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है।

2. पूजन के देव और अधिष्ठाता | Deities of Worship

  • मुख्य देव (Primary Deities): इस व्रत में मुख्य रूप से भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, श्री गणेश और चंद्रमा का पूजन किया जाता है।

  • करवा माता: विशेष रूप से 'करवा माता' की पूजा और कथा का विधान है, जो सौभाग्य की रक्षा करती हैं।

3. व्रत की कामना और लाभ | Desire and Benefits of the Fast

  • कामना (Wish): यह व्रत विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु (Longevity), अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखती हैं।

  • लाभ (Benefits): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को विधि-विधान से करने से दाम्पत्य जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और पति-पत्नी के बीच प्रेम व सामंजस्य बढ़ता है।

4. व्रत सर्वप्रथम किसने रखा और प्रारम्भ | Who First Observed and Origin

  • सर्वप्रथम किसने रखा (First Observed By): पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहले माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए और बाद में द्रौपदी ने पांडवों के संकट दूर करने के लिए यह व्रत रखा था।

  • प्रारम्भ (Origin): एक अन्य कथा के अनुसार, 'करवा' नाम की एक पतिव्रता स्त्री ने अपने सतीत्व के बल पर यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले लिए थे, वहीं से इस परंपरा का विस्तार हुआ।

5. वेदों और शास्त्रों में उल्लेख | Mention in Vedas and Scriptures

  • करवा चौथ का उल्लेख वामन पुराण और नारद पुराण में मिलता है। महाभारत के 'शान्ति पर्व' में भी श्री कृष्ण द्वारा द्रौपदी को इस व्रत के महत्व के बारे में बताने का प्रसंग आता है। इसे 'करक चतुर्थी' के नाम से भी जाना जाता है।

6. व्रत के नियम | Rules of the Fast

  • सरगी (Sargi): सूर्योदय से पूर्व सास द्वारा दी गई 'सरगी' खाकर व्रत का संकल्प लिया जाता है।

  • निर्जला व्रत (Waterless Fast): यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक निर्जला (बिना अन्न और जल के) रखा जाता है।

  • करवा बदलना: शाम को महिलाएं एकत्रित होकर करवा फेरती हैं और व्रत कथा सुनती हैं।

  • चंद्र अर्घ्य: रात में चंद्रमा निकलने पर छलनी से पति और चंद्र देव को देखकर अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है।


7. कैवल्य एस्ट्रो ऐप के माध्यम से पूजन | Puja via Kaivalya Astro App

Kaivalya Astro ऐप करवा चौथ के पावन अवसर पर आपकी भक्ति को सुलभ बनाने के लिए कई सुविधाएँ प्रदान करता है:

  • ऑनलाइन करवा चौथ कथा (Live Vrat Katha): ऐप पर अनुभवी पंडितों द्वारा सामूहिक या व्यक्तिगत रूप से 'करवा चौथ व्रत कथा' का सीधा प्रसारण किया जाता है, जिसे आप घर बैठे सुन सकते हैं।

  • चंद्रोदय का सटीक समय (Moonrise Timing): ऐप आपके शहर के अक्षांश-देशांतर (Location) के आधार पर चंद्रमा निकलने का बिल्कुल सटीक समय बताता है, ताकि आप समय पर अर्घ्य दे सकें।

  • डिजिटल पंचांग और मुहूर्त (Muhurat): पूजा के लिए सबसे शुभ 'अमृत' या 'शुभ' चौघड़िया मुहूर्त की जानकारी ऐप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

  • विद्वान ब्राह्मणों से परामर्श: यदि व्रत के दौरान कोई स्वास्थ्य समस्या हो या नियमों को लेकर संशय हो, तो आप ऐप के माध्यम से ज्योतिषियों से तुरंत बात कर सकते हैं।

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