पूर्ण अनुष्ठान सेवा - 51000(संपूर्ण सामग्री और आचार्य खर्च सहित)
Complete ritual service - Rs 51000 (including all material and acharya expenses)
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय और रहने की व्यवस्था यजमान की रहेगी
If the house is being arranged, the travel expenses and accommodation will be borne by the host.
रोग प्रतिरोधक काली साधना माता महाकाली के उस सौम्य और रक्षक रूप की उपासना है, जो शरीर के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा और व्याधियों (बीमारियों) का नाश कर जीवनी शक्ति (Immunity) को बढ़ाती है। तंत्र शास्त्र में माँ काली को 'काल' (समय और मृत्यु) पर विजय प्राप्त करने वाली देवी माना गया है।
माँ काली की उत्पत्ति अधर्म और विनाशकारी शक्तियों के अंत के लिए हुई थी।
पौराणिक उद्गम: मार्कण्डेय पुराण के 'दुर्गा सप्तशती' के अनुसार, जब 'रक्तबीज' नामक दैत्य का आतंक बढ़ा, तब माँ चण्डिका की भृकुटी से काली प्रकट हुईं। आध्यात्मिक रूप से, रक्तबीज हमारे शरीर के वे दूषित सेल (Cells) या वायरस हैं जो तेजी से बढ़ते हैं। माँ काली उन सूक्ष्म शत्रुओं (रोगों) का भक्षण कर शरीर की रक्षा करती हैं।
शास्त्रों में उल्लेख: इस साधना का विस्तृत वर्णन 'कालिका पुराण', 'तन्त्रालोक' और 'वि़श्वसार तन्त्र' में मिलता है। आयुर्वेद और तंत्र के संगम में माँ काली को 'आरोग्य प्रदात्री' कहा गया है।
यह साधना केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि प्राणिक ऊर्जा को बढ़ाने वाली है:
अजेय स्वास्थ्य: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) में चमत्कारिक वृद्धि।
मानसिक सुदृढ़ता: भय, अवसाद (Depression) और असाध्य रोगों के मानसिक डर से मुक्ति।
नकारात्मकता का नाश: नजर दोष, तंत्र बाधा और बाहरी कुप्रभावों से सुरक्षा कवच।
दीर्घायु: अकाल मृत्यु के योग टलते हैं और जातक दीर्घायु प्राप्त करता है।
| विवरण | विस्तृत जानकारी |
| शुद्ध मूल मंत्र | "ॐ क्रीं काल्यै नमः" या "ॐ क्रीं ह्नीं ह्रूं दक्षिणे कालिके स्वाहा।" |
| रोग नाशक विशेष मंत्र | "जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥" |
| जप संख्या | पूर्ण फल के लिए 11,000 मंत्रों का अनुष्ठान। |
| ब्राह्मण संख्या | सामान्यतः 3 ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक जाप। |
| अनुष्ठान अवधि | यह साधना 3 दिन में पूर्ण की जाती है। |
कैवल्य एस्ट्रो ऐप आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्राचीन शक्ति साधना को आपके घर तक पहुँचाता है:
पंजीकरण: Kaivalya Astro ऐप पर जाकर 'Astro service' या 'Mahakali Anushthan' का चयन करें।
विशेषज्ञ परामर्श: ऐप के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य आपकी कुंडली के छठे भाव (रोग भाव) का विश्लेषण कर पूजा का संकल्प तय करेंगे।
लाइव अनुष्ठान: आप अपने फोन पर लाइव जुड़कर ब्राह्मणों को मंत्र जाप करते देख सकते हैं। इसमें माँ काली का 'कवच' पाठ और 'अर्गला स्तोत्र' का विशेष सम्पुट लगाया जाता है।
हवन का दर्शन: साधना के अंतिम दिन होने वाले 'रोग नाशक हवन' में आप लाइव आहुतियां देख सकते हैं।
रक्षा कवच: पूजा के बाद सिद्ध किया हुआ 'काली यंत्र' या 'काली गुटिका' आपके पते पर भेजी जाती है, जिसे धारण करने से निरंतर सुरक्षा बनी रहती है।
इतिहास में रामकृष्ण परमहंस माँ काली के सबसे बड़े उपासक रहे हैं। उन्होंने सिद्ध किया कि माँ काली केवल संहारक नहीं, बल्कि करुणा की मूर्ति हैं। एक बार जब उनके एक शिष्य को गंभीर व्याधि हुई, तो उन्होंने माँ काली के 'भवतारिणी' रूप की साधना कर उसे रोगमुक्त किया। यह साधना उसी परंपरा का हिस्सा है जहाँ 'मृत्यु' को 'अमृत' में बदलने की प्रार्थना की जाती है।
वस्त्र: साधना के दौरान काले या लाल वस्त्रों का प्रयोग वर्जित नहीं है, लेकिन सात्विक साधना हेतु लाल वस्त्र श्रेष्ठ हैं।
दिशा: माँ काली की साधना हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर मुख करके की जाती है।
समय: यह साधना रात्रि काल में (निशिता काल) अधिक फलदायी होती है।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products