बजरंग बाण गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है—'बाण'—यह हनुमान जी की शक्ति का वह अचूक प्रहार है जो भक्त के बड़े से बड़े संकट को क्षण भर में नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसमें हनुमान जी को श्री राम की शपथ (सौगंध) दी जाती है, जिससे वे भक्त की सहायता के लिए विवश हो जाते हैं।
यह हनुमान जी को प्रसन्न करने का एक 'आपातकालीन' मंत्र संग्रह है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हनुमान जी को उनके स्वामी श्री राम की दुहाई दी जाती है। यह पाठ तब किया जाता है जब साधारण प्रार्थनाओं से संकट दूर नहीं हो रहा हो।
विशेष दिन: मंगलवार और शनिवार।
अवस्था: जब शत्रु बहुत अधिक परेशान कर रहे हों, कोर्ट-कचहरी में हार का डर हो, या प्राणों पर संकट आ गया हो।
समय: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4-6 बजे) या अर्धरात्रि (रात 12 बजे) का समय इसके लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
शत्रु विजय: गुप्त शत्रुओं और विरोधियों का दमन होता है।
भय मुक्ति: दुस्वप्न, अकाल मृत्यु का भय और तंत्र-मंत्र की बाधाएं शांत होती हैं।
ग्रह शांति: शनि और राहु के क्रूर प्रभावों से रक्षा होती है।
आत्मविश्वास: कमजोर इच्छाशक्ति वाले व्यक्तियों में साहस का संचार होता है।
प्रारम्भ: इसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी।
प्रचलन: इसका प्रचलन उत्तर भारत के अखाड़ों, साधुओं और उन भक्तों के बीच सबसे ज्यादा है जो कठिन साधना करते हैं।
कठोर नियम: बजरंग बाण का पाठ नित्य (रोजाना) बिना कारण नहीं करना चाहिए। इसे केवल विशेष संकट में ही करना चाहिए। पाठ के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य, मांस-मदिरा का त्याग और जमीन पर सोने का नियम पालन करना अनिवार्य है।
बजरंग बाण स्वयं में एक मंत्र है, लेकिन संकट के अनुसार कुछ विशेष पंक्तियों पर जोर दिया जाता है:
| समस्या (Problem) | प्रभावशाली पंक्ति (Powerful Line) |
| कोर्ट केस / कानूनी विवाद | “शत्रु समूह मिटै सब आपै। देखत रूप कालु डरि काँपै॥” |
| भीषण कष्ट / प्राण संकट | “उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई। पायँ परौं कर जोरि मनाई॥” |
| सुख-सम्पदा / कार्य सिद्धि | “जनकसुता हरि दास कहावौ। ताकी सपथ विलम्ब न लावौ॥” |
| पारिवारिक क्लेश / ग्रह बाधा | “हनुमत विपत्ति प्रभु भंजन। करि कृपा राखहु जन रंजन॥” |
अवधि: संकट की गंभीरता के अनुसार इसे 2 दिन (108 बार) के अनुष्ठान के रूप में किया जाता है।
ब्राह्मण: यह पाठ यजमान स्वयं भी कर सकता है, लेकिन विधि-विधान और संकल्प के साथ कराने के लिए 2 कर्मकांडी ब्राह्मणों की सहायता लेना उत्तम है, ताकि मंत्रोच्चार में कोई त्रुटि न हो।
कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के माध्यम से आप इस विशेष अनुष्ठान को शास्त्रीय विधि से करवा सकते हैं:
अनुष्ठान चयन: ऐप के 'sarv kasht haran anusthan sadhna' सेक्शन में जाकर 'Bajrang Baan Path' चुनें।
संकल्प विवरण: अपनी विशिष्ट समस्या (जैसे कोर्ट केस या शत्रु बाधा) का उल्लेख करें ताकि ब्राह्मण विशेष विधि का पालन करें।
लाइव संकल्प: आप वीडियो कॉल के माध्यम से अपना संकल्प पंडित जी को सुना सकते हैं।
सुरक्षा कवच: पाठ के बाद सिद्ध किया हुआ 'हनुमत रक्षा कवच' या 'ताबीज' आप ऐप के माध्यम से मंगवा सकते हैं।
परामर्श: यदि आपको समझ नहीं आ रहा कि बजरंग बाण करना चाहिए या नहीं, तो ऐप के ज्योतिषियों से परामर्श लें, क्योंकि इसे बिना कारण पढ़ना वर्जित माना जाता है।
चेतावनी: बजरंग बाण का पाठ कभी भी किसी का बुरा करने की नीयत से न करें, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसे हमेशा अपनी रक्षा और धर्म की राह पर चलने के लिए ही करें।
बजरंग पाठ की सेवा राशि 7100 है
The service amount of Bajrang Path is Rs 7100.
यदि यह अपने घर पर करवाते है तो आने जाने के मार्ग का व्यय अलग से देना होगा और पूजन सामग्री स्वयं से लानी होगी
If you get this done at your home, you will have to pay for the travel expenses separately and bring the puja materials yourself.
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