अनुष्ठान साधना शुल्क - 7100(आचार्य दक्षिणा व सामग्री सहित)
Ritual Sadhana Fee - 7100 (Including Acharya Dakshina and pooja materials)
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय और रहने की व्यवस्था यजमान की रहेगी
If the house is being arranged, the travel expenses and accommodation will be borne by the host.
यह एक सात्विक और तांत्रिक साधना का मिश्रण है, जो फाल्गुन पूर्णिमा की रात को अग्नि तत्व के समक्ष संपन्न की जाती है। इस साधना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर करना और व्यापार या नौकरी में उन्नति के मार्ग खोलना है।
शास्त्रों के अनुसार, इस साधना का संबंध भक्त प्रहलाद की विजय से है। जब अग्नि में बैठने के बाद भी प्रहलाद सुरक्षित रहे, तब भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि जो भी इस रात्रि में 'अग्नि' को साक्षी मानकर श्री हरि और लक्ष्मी की आराधना करेगा, उसके जीवन से दरिद्रता का 'दहन' हो जाएगा। नारद पुराण में भी इस रात्रि को सिद्धियों के लिए अमोघ बताया गया है।
यह साधना मुख्य रूप से एक ही रात्रि (होलिका दहन की रात) में संपन्न होती है, किंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे 3 दिन (चतुर्दशी से प्रतिपदा) तक भी किया जाता है।
मुख्य मंत्र:
"ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः" या विशेष धन वृद्धि के लिए: "ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः"
जप संख्या: इस रात्रि में कम से कम 11 या 21 माला का जाप अनिवार्य माना गया है।
कितने ब्राह्मण: व्यक्तिगत रूप से आप स्वयं कर सकते हैं, लेकिन यदि विधि-विधान से अनुष्ठान करवाना हो, तो 2 ब्राह्मणों की टोली इसे पूर्ण करती है।
इस साधना के लाभ बहुआयामी हैं:
कर्ज से मुक्ति: वर्षों पुराने कर्ज से निकलने के रास्ते बनते हैं।
रुका हुआ धन: यदि कहीं पैसा फंसा हुआ है, तो उसके वापस आने के योग बनते हैं।
व्यापार वृद्धि: ठप पड़े व्यवसाय में गति आती है।
नकारात्मकता का नाश: घर की दरिद्रता और नजर दोष का नाश होता है।
यदि आप घर बैठे विद्वान ब्राह्मणों के माध्यम से इस साधना को लाइव संपन्न कराना चाहते हैं, तो कैवल्य एस्ट्रो ऐप एक सुलभ माध्यम है।
ऐप डाउनलोड और पंजीकरण: सबसे पहले प्ले स्टोर से 'Kaivalya Astro' ऐप डाउनलोड करें और अपनी प्रोफाइल बनाएं।
पूजा सेक्शन का चयन: ऐप के मुख्य पृष्ठ पर 'Puja' या 'E-Puja' के विकल्प पर जाएं।
साधना का चुनाव: 'Dhan Vriddhi Holika Sadhana' को खोजें और उसे बुक करें।
विवरण भरें: अपना नाम, गोत्र, जन्म तिथि और अपना उद्देश्य (संकल्प) दर्ज करें।
लाइव जुड़ाव: पूजा के निर्धारित समय पर आपको एक लिंक या नोटिफिकेशन प्राप्त होगा। आप वीडियो कॉल के माध्यम से ब्राह्मणों को मंत्रोच्चार करते देख सकेंगे और घर बैठे अपना संकल्प छोड़ सकेंगे।
प्रसाद: पूजा संपन्न होने के बाद सिद्ध सामग्री या प्रसाद आपके पते पर भेज दिया जाता है।
नारद पुराण: इसमें वर्णन है कि फाल्गुन पूर्णिमा की रात को किया गया दान और जप अक्षय फल देता है।
लिंग पुराण: अग्नि के पूजन से ऐश्वर्य की प्राप्ति का उल्लेख यहाँ मिलता है।
भविष्य पुराण: राजा युधिष्ठिर को भगवान कृष्ण ने इस रात्रि के महत्व के बारे में विस्तार से बताया था कि कैसे यह रात्रि शोक और दरिद्रता का नाश करने वाली है।
विशेष नोट: साधना के दौरान शुद्धता का ध्यान रखें और पीत (पीले) रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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