कर्म की दक्षिणा - 21000(पूजन सामग्री व ब्राह्मण खर्च सहित)
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय और रहने की व्यवस्था यजमान की रहेगी
(If the house is being arranged, the travel expenses and accommodation will be borne by the host.)
रति-कामदेव साधना: प्रेम, आकर्षण और शीघ्र विवाह हेतु अचूक तांत्रिक व वैदिक विधान
तंत्र शास्त्र में कामदेव को सौंदर्य, प्रेम और कामेच्छा का अधिष्ठाता देव माना गया है, वहीं देवी रति आकर्षण और समर्पण की प्रतीक हैं। जब किसी जातक के विवाह में अकारण देरी हो रही हो, प्रेम संबंधों में बाधा आ रही हो या व्यक्तित्व में आकर्षण की कमी हो, तब यह साधना संजीवनी के समान कार्य करती है।
यह साधना 'सौंदर्य' और 'साहचर्य' की प्राप्ति का मार्ग है।
शास्त्रीय उल्लेख: इसका विस्तृत वर्णन 'अथर्ववेद', 'कामसूत्र', 'ललिता सहस्रनाम' और 'श्रीमद्भागवत पुराण' में मिलता है। वेदों में कामदेव को 'प्रथम पुरुष' के रूप में स्वीकार किया गया है जो सृष्टि के सृजन का आधार हैं।
उद्गम कथा: पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान शिव की तपस्या भंग करने के कारण कामदेव भस्म हो गए थे, तब देवी रति ने कठिन तपस्या की। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर कामदेव को पुनर्जीवित किया और उन्हें 'अनंग' (बिना शरीर के हृदय में वास करने वाला) रूप दिया। इस साधना का उद्गम देवी रति के उसी तप से माना जाता है, जिससे उन्होंने अपने पति को पुनः प्राप्त किया और संसार में प्रेम की पुनर्स्थापना की।
भक्त का व्याख्यान: भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न (जो कामदेव के अवतार थे) की प्राप्ति और उनके विवाह के प्रसंग में भी इस साधना के तत्वों का उल्लेख मिलता है।
शीघ्र विवाह: जिन जातकों के विवाह में मांगलिक दोष या अन्य ग्रहों के कारण बाधा आ रही हो, उनका मार्ग प्रशस्त होता है।
आकर्षण शक्ति: जातक के मुखमंडल पर तेज और व्यक्तित्व में सम्मोहन की वृद्धि होती है।
प्रेम संबंधों में मधुरता: पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका के बीच चल रहे विवाद समाप्त होते हैं।
मनचाहा जीवनसाथी: योग्य और अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति के योग प्रबल होते हैं।
कैवल्य एस्ट्रो ऐप इस गोपनीय साधना को सुरक्षित और शास्त्रीय विधि से आपके लिए सुलभ बनाता है:
परामर्श: सबसे पहले ऐप पर ज्योतिषाचार्य से संपर्क कर अपनी कुंडली के सप्तम भाव (विवाह भाव) और शुक्र ग्रह की स्थिति जांचें।
लाइव संकल्प: पूजा के दिन आचार्य आपसे वीडियो कॉल पर जुड़ेंगे। वे आपके हाथ में पुष्प और अक्षत लेकर आपके नाम, गोत्र और शीघ्र विवाह की मनोकामना के साथ लाइव संकल्प करवाएंगे।
अनुष्ठान दर्शन: आप प्रतिदिन अपने फोन पर लाइव देख सकते हैं कि ब्राह्मण कैसे 'रति-कामदेव यंत्र' का पूजन और मंत्र जाप कर रहे हैं।
हवन व पूर्णाहुति: साधना के अंतिम दिन होने वाले 'गुलाब के फूलों' और 'शहद' से युक्त विशेष हवन को लाइव देख कर आप घर बैठे आहुति मानसिक रूप से समर्पित कर सकते हैं।
सिद्ध सामग्री: पूजा के बाद सिद्ध किया हुआ 'सम्मोहन यंत्र' या 'शुक्र माला' आपके घर भेज दी जाती है।
तंत्र ग्रंथों के अनुसार, प्राचीन काल में राजकुमारी दमयंती ने नल की प्राप्ति हेतु और रुक्मिणी जी ने कृष्ण को प्राप्त करने के लिए गौरी पूजन के साथ-साथ इस साधना के गुप्त अंशों का पालन किया था। ऋषि कश्यप ने भी सृष्टि विस्तार हेतु काम-तत्त्व की साधना का उपदेश दिया था।
इस साधना के दौरान शुक्रवार का विशेष महत्व है।
जातक को इत्र (Perfume) का प्रयोग और साफ-सुथरे सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करने चाहिए।
ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है क्योंकि यह मानसिक ऊर्जा को बढ़ाने वाली साधना है।
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