अनुष्ठान सेवा शुल्क 7100 है इसमें 1 मुख्य आचार्य और 2 सहयोगी ब्राह्मण रहेंगे जो जप आदि करेंगे
The ritual service fee is Rs 7100. This includes one chief acharya and two assistant Brahmins who will perform the chanting etc.
यदि आप इसे घर पर करवाते है तो मार्ग में आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और पूजन सामग्री स्वयं से लानी होगी
If you get it done at home, then the travel expenses will be payable separately and you will have to bring the puja materials yourself.
मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है। यह व्रत शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है।
किसी भी व्रत की पूर्णता के लिए उद्यापन अनिवार्य है। यह भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और व्रत के दौरान हुई अनजानी गलतियों की क्षमा याचना के लिए किया जाता है।
मंगल दोष निवारण: यह कुंडली में मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करता है।
शत्रु विजय: जीवन में आने वाली बाधाओं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
सुख-समृद्धि: कर्ज से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति आती है।
मंगलवार व्रत का उद्यापन 21 मंगलवार व्रत पूरे होने के बाद करना श्रेयस्कर माना जाता है। इसे हमेशा शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) के किसी भी मंगलवार को करना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, अपनी सामर्थ्य के अनुसार 3 ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। यदि संभव न हो, तो एक सुयोग्य विद्वान ब्राह्मण को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देना भी पर्याप्त है।
आवश्यक सामग्री: हनुमान जी की मूर्ति या चित्र, लाल वस्त्र, सिंदूर, चमेली का तेल, बूंदी के लड्डू, लाल फूल, तांबे का पात्र, हवन सामग्री और कलावा।
पूजा विधि:
शुद्धिकरण: उद्यापन के दिन सुबह जल्दी स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें।
चौकी स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें।
अभिषेक: हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
हवन: 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र के साथ 108 बार हवन कुंड में आहुति दें। हवन में मुख्य रूप से भगवान हनुमान और मंगल देव के नाम से आहुतियां दी जाती हैं।
सुंदरकांड/हनुमान चालीसा: हवन के बाद सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।
आरती: अंत में कपूर से हनुमान जी की आरती करें।
दान हमेशा अपनी श्रद्धा के अनुसार करना चाहिए। मंगलवार के उद्यापन में निम्नलिखित वस्तुओं का दान विशेष फल देता है:
तांबे के बर्तन
लाल वस्त्र
मसूर की दाल
गुड़ और चने
धार्मिक पुस्तकें (हनुमान चालीसा या सुंदरकांड)
दक्षिणा
आज के समय में यदि आप विधि-विधान से पूजा घर पर नहीं कर पा रहे हैं, तो Kaivalya Astro App एक बेहतरीन विकल्प है:
पंडित चयन: आप ऐप पर मौजूद अनुभवी कर्मकांडी ब्राह्मणों की प्रोफाइल देखकर स्वयं पंडित जी का चुनाव कर सकते हैं।
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डिजिटल रिपोर्ट: पूजा संपन्न होने के बाद आपको पूजा की वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
सुविधाजनक: आप दुनिया के किसी भी कोने में हों, अपनी आस्था के अनुसार सही समय (मुहूर्त) पर पूजा संपन्न करा सकते हैं।
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