अनुष्ठान सेवा शुल्क 7100 है इसमें 1 मुख्य आचार्य और 2 सहयोगी ब्राह्मण रहेंगे जो जप आदि करेंगे
The ritual service fee is Rs 7100. This includes one chief acharya and two assistant Brahmins who will perform the chanting etc.
यदि आप इसे घर पर करवाते है तो मार्ग में आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और पूजन सामग्री स्वयं से लानी होगी
If you get it done at home, then the travel expenses will be payable separately and you will have to bring the puja materials yourself.
बुधवार व्रत का उद्यापन इस व्रत की पूर्णता का प्रतीक है। जब आपके संकल्प के अनुसार व्रतों की संख्या पूरी हो जाती है, तब विधि-विधान से पूजा करके इसे संपन्न किया जाता है।
मुख्य देवता (Main Deity): बुधवार व्रत के अधिष्ठाता देवता बुध देव (Mercury) हैं। इसके साथ ही इस दिन भगवान गणेश की पूजा अनिवार्य रूप से की जाती है।
लाभ (Benefits): * व्यापार और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
बुद्धि, तर्कशक्ति और शिक्षा में सुधार होता है।
कुंडली में 'बुध' ग्रह के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।
त्वचा संबंधी रोगों और वाणी दोष से मुक्ति मिलती है।
कब करें (Timing): शुक्ल पक्ष के किसी भी शुभ बुधवार को यह उद्यापन किया जाना चाहिए। विशाखा, अनुराधा या ज्येष्ठ नक्षत्र हो तो अत्यंत शुभ माना जाता है।
ब्राह्मणों की संख्या (Number of Brahmins): शास्त्रों के अनुसार उद्यापन में 5 ब्राह्मणों को भोजन कराना उत्तम माना गया है। यदि संभव न हो, तो कम से कम 1 विद्वान ब्राह्मण और उनकी पत्नी (ब्राह्मणी) को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी जा सकती है।
उद्यापन के दिन सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ हरे वस्त्र धारण करें।
पूजा की मुख्य सामग्री:
हरे रंग का कपड़ा (चौकी पर बिछाने के लिए)।
बुध यंत्र या बुध देव की प्रतिमा।
दान सामग्री: हरे मूंग की दाल, हरा कपड़ा, कांसे का बर्तन, घी, दही, फल, फूल और दक्षिणा।
संक्षिप्त विधि:
कलश स्थापना करें और गणेश जी व बुध देव का आह्वान करें।
बुध मंत्र "ॐ बुं बुधाय नमः" का जाप करें।
हवन संपन्न करें जिसमें मुख्य रूप से 'अपा मार्ग' (चिटचिटा) की समिधा का उपयोग होता है।
कथा का श्रवण करें और अंत में आरती करें।
कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) एक आधुनिक मंच है जो आपको घर बैठे अनुभवी वैदिक पंडितों से जोड़ता है। आप इस प्रक्रिया द्वारा अपना उद्यापन संपन्न करा सकते हैं:
ऐप डाउनलोड और लॉगिन: सबसे पहले प्ले स्टोर से कैवल्य एस्ट्रो ऐप डाउनलोड करें।
पूजा चयन: ऐप के 'Puja/Rituals' सेक्शन में जाकर 'Budh Grah Shanti' या 'Vrat Udyapan' सेवा का चयन करें।
पंडित चयन: आप उपलब्ध विद्वान आचार्यों की प्रोफाइल देखकर अपनी पसंद के अनुसार पंडित जी का चुनाव कर सकते हैं।
संकल्प और लाइव पूजा: निर्धारित समय पर पंडित जी आपसे वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ेंगे। वे आपका नाम, गोत्र और संकल्प लेकर विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएंगे।
सामग्री और दान: ऐप के माध्यम से आप 'E-Puja' का विकल्प चुन सकते हैं जहाँ सामग्री की व्यवस्था और ब्राह्मण भोजन ऐप द्वारा ही आपकी ओर से काशी या अन्य तीर्थ क्षेत्रों में करा दिया जाता है।
विशेष नोट: उद्यापन के दिन नमक का सेवन वर्जित रखें और पूरा दिन सात्विक रहें।
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