श्रीराम चरितमानस पाठ की सेवा राशि 21000 है
The service amount for reciting Shri Ram Charitmanas is Rs 21000.
यदि यह अपने घर पर करवाते है तो आने जाने के मार्ग का व्यय अलग से देना होगा और पूजन सामग्री स्वयं से लानी होगी
If you get this done at your home, you will have to pay for the travel expenses separately and bring the puja materials yourself.
श्री रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक कालजयी ग्रंथ है, जिसे 'पंचम वेद' के समान पूजनीय माना जाता है। यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और संकटों से उबरने का एक आध्यात्मिक अस्त्र है।
यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श जीवन का काव्यात्मक वर्णन है। इसके सात सोपान (काण्ड) हैं: बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुंदरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड। इसका पाठ करने से घर में सात्विक ऊर्जा का संचार होता है।
इसे मुख्य रूप से निम्नलिखित अवसरों पर किया जाता है:
रामनवमी के पावन पर्व पर।
गृह प्रवेश, विवाह, या जन्मदिन जैसे मांगलिक कार्यों पर।
पितृ पक्ष में पूर्वजों की शांति हेतु।
परिवार में सुख-समृद्धि या किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए।
मानसिक शांति: चिंता और तनाव का नाश होता है।
पारिवारिक सामंजस्य: परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है।
ग्रह दोष निवारण: शनि, राहु और केतु जैसे भारी ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
भय से मुक्ति: हनुमान जी की कृपा से अकाल मृत्यु और प्रेत बाधा का भय मिटता है।
प्रारम्भ: इसकी रचना 16वीं शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास जी ने अयोध्या में शुरू की थी। आध्यात्मिक रूप से माना जाता है कि शिव जी ने माता पार्वती को यह कथा सुनाई थी, जिसे तुलसीदास जी ने 'लोकाभिरामम्' (जनमानस की भाषा) में लिखा।
प्रचलन: इसका सर्वाधिक प्रचलन उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान) में है। मॉरीशस, फिजी और नेपाल जैसे देशों में भी यह अत्यंत लोकप्रिय है।
यद्यपि यह ग्रंथ स्वयं में एक शास्त्र है, लेकिन इसका आधार वाल्मीकि रामायण और अध्यात्म रामायण है। पाठ के मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
पवित्रता: स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र (अधिमानतः पीले या सफेद) धारण करें।
आसन: ऊनी या कुश के आसन का प्रयोग करें।
अखंड दीपक: पाठ के दौरान शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित रहना चाहिए।
तुलसी दल: भगवान को भोग में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें।
हनुमान जी का आह्वान: पाठ शुरू करने से पहले हनुमान जी का आह्वान अनिवार्य है, क्योंकि वे रामकथा के रक्षक हैं।
जब मानस का पाठ किसी विशेष संकट को दूर करने के लिए किया जाता है, तो हर चौपाई के बाद एक विशेष 'सम्पुट' लगाया जाता है:
संकट नाश के लिए: "दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी।"
कठिन कार्य सिद्धि के लिए: "कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं।"
रोग और भय निवारण के लिए: "राम कृपा नासहिं सब रोगा, जो एहि भाँति बनै संजोगा।"
अखंड पाठ: यह निरंतर 24 घंटे चलता है। इसमें 5 ब्राह्मणों की टोली बारी-बारी से पाठ करती है।
ब्राह्मण: अखंड पाठ के लिए कम से कम 5 विद्वान आवश्यक हैं
कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के माध्यम से आप अपनी सुविधा अनुसार विद्वान आचार्यों द्वारा पाठ बुक कर सकते हैं:
ऐप खोलें: Kaivalya Astro ऐप के 'Dharmik aayojan' टैब पर क्लिक करें।
चयन: 'Akhand Ramayan' या 'Sundarkand' विकल्प चुनें।
अनुकूलन (Customization): आप 'सम्पुट पाठ' या साधारण पाठ का चयन कर सकते हैं।
ऑनलाइन संकल्प: पूजा के समय वीडियो कॉल के माध्यम से अपना नाम और गोत्र बोलकर संकल्प लें।
प्रसाद वितरण: पाठ संपन्न होने के बाद सिद्ध किया हुआ प्रसाद आपके घर के पते पर भेज दिया जाता है।
विशेष टिप: यदि आप पूरे 24 घंटे का पाठ नहीं कर सकते, तो कैवल्य एस्ट्रो पर आप केवल 'सुंदरकाण्ड' का पाठ भी बुक कर सकते हैं, जो 2-3 घंटे में संपन्न हो जाता है और अत्यंत प्रभावशाली है।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products