वास्तु पूजन भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब हम किसी भूमि पर निर्माण करते हैं, तो उस स्थान की ऊर्जा को संतुलित करने और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए वास्तु शांति या वास्तु पूजन किया जाता है।
वास्तु पूजन मुख्य रूप से 'वास्तु पुरुष' की आराधना है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वास्तु पुरुष हर भूमि के नीचे स्थित होते हैं। निर्माण के दौरान खुदाई, ईंट-पत्थर रखने और तोड़-फोड़ से उन्हें जो कष्ट होता है, उसके लिए क्षमा याचना करने और घर में सुख-शांति स्थापित करने के लिए यह पूजन किया जाता है।
वास्तु पूजन मुख्य रूप से इन अवसरों पर होता है:
भूमि पूजन: निर्माण शुरू करने से पहले।
नींव पूजन: पहली ईंट रखते समय।
द्वार पूजन: मुख्य दरवाजे की चौखट लगाते समय।
गृह प्रवेश: नए या पुराने घर में रहने जाने से पहले (सबसे महत्वपूर्ण)।
मत्स्य पुराण, अग्नि पुराण और विश्वकर्मा प्रकाश जैसे ग्रंथों में वास्तु शास्त्र का विस्तृत वर्णन है। शास्त्रों के अनुसार, "यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्ड"—अर्थात जो ब्रह्मांड में है, वही हमारे निवास में भी है। वास्तु पूजन से पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) का संतुलन बनता है।
सकारात्मक ऊर्जा: घर से नकारात्मक शक्तियों और दरिद्रता का नाश होता है।
स्वास्थ्य और समृद्धि: परिवार के सदस्यों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
बाधाओं से मुक्ति: कार्यक्षेत्र और व्यापार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं।
मानसिक शांति: घर के भीतर क्लेश कम होता है और सौहार्द बढ़ता है।
यदि वास्तु दोष को बिना शांत किए घर में प्रवेश किया जाए, तो निम्न समस्याएं आ सकती हैं:
अकारण बीमारी और धन की हानि।
परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और झगड़े।
संतान प्राप्ति में बाधा या करियर में असफलता।
दुर्घटनाओं का भय।
यह आपकी श्रद्धा और विधि की विशालता पर निर्भर करता है:
| पूजन का प्रकार | अवधि | ब्राह्मणों की संख्या |
| सामान्य वास्तु शांति | 1 दिन (3-5 घंटे) | 1 |
| विस्तृत वास्तु पूजन | 1 से 2 दिन | 3 |
| महारुद्र/नवग्रह सहित | 3 दिन तक | 3 |
नया घर लेने पर: चाहे वह फ्लैट हो या स्वतंत्र मकान।
रिनोवेशन: यदि घर में बड़ा तोड़-फोड़ या बदलाव किया गया हो।
लंबे समय बाद घर लौटने पर: यदि घर कई वर्षों से बंद पड़ा हो।
लगातार समस्याओं पर: यदि घर में रहने के बाद से लगातार परेशानियां आ रही हों।
कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के माध्यम से अनुभवी और विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वास्तु पूजन बुक करना बहुत सरल है:
ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले Play Store या App Store से Kaivalya Astro ऐप डाउनलोड करें।
लॉगिन करें: अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर या लॉगिन करें।
पूजा सेक्शन (Puja/Rituals) पर जाएं: होम स्क्रीन पर 'Vastu shanti and samridhhi' या 'E-Puja' का विकल्प चुनें।
वास्तु पूजन चुनें: लिस्ट में से 'Vastu Shanti Puja' या 'Vastu Pujan' को सर्च कर उस पर क्लिक करें।
विवरण भरें: अपना नाम, गोत्र, स्थान (Location) और शुभ तिथि (यदि पता हो) दर्ज करें।
ब्राह्मण चयन : आप अपनी सुविधानुसार स्लॉट और ब्राह्मणों का चयन कर सकते हैं।
पुष्टि: बुकिंग के बाद आपको ऐप के माध्यम से पुष्टि मिल जाएगी और संस्थान की ओर से आपसे संपर्क किया जाएगा।
ध्यातव्य विषय:- एक दिवसीय पूजन 2 ब्राह्मण सहित शुल्क 21000 व तीन दिवसीय वास्तु पूजन सेवा राशि 51000 है |
Note: The ritual service fee (Anushthan Sewa Rashi) is 21,000 for one day and 51,000 for three days.
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और सामग्री स्वयं से लानी होगी।
If it is done at home, the travel expenses will be payable separately and the material will have to be brought by yourself.
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