बंगाली मंत्र विद्या कोर्स ,,सभी दुखों का समाधान X
सुखपूर्वक प्रसव पत्र हेतु स्वयं सिद्ध शाबर मंत्र
(0) 0 Reviews 0 Orders 1 Wish listed
₹1.00
Document :
Quantity :
Total price :
  (Tax : )

सुखपूर्वक प्रसव हेतु प्राचीन शाबर विद्या: एक अध्ययन

भारतीय तंत्र-मंत्र विज्ञान में शाबर विद्या का एक अत्यंत मानवीय और कल्याणकारी पक्ष भी है। प्राचीन ग्रंथों में वर्णित यह प्रयोग मुख्य रूप से गर्भावस्था के अंतिम चरण में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को दूर करने और प्रसव प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक 'बीजाक्षरात्मक प्रयोग' के रूप में जाना जाता है। यह विद्या प्राचीन काल में मातृत्व की रक्षा और कष्ट निवारण हेतु एक विशेष लोक-उपचार के रूप में प्रचलित थी।

🔱 विद्या का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक आधार

यह प्रयोग पूर्णतः बीज मंत्रों की ध्वनि-तरंगों (Sound Vibrations) पर आधारित है। मंत्र में प्रयुक्त बीज अक्षर (ऐं हं हां हूं हैं हौं हः) अपनी विशिष्ट आवृत्ति के माध्यम से वातावरण में एक सकारात्मक और शांत ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जो प्रसव की जटिल परिस्थितियों को नियंत्रित करने में सहायक मानी गई है।

📋 व्यावहारिक विधि-विधान (Step-by-Step)

इस प्राचीन पद्धति को प्रभावी बनाने हेतु निम्नलिखित चरणों का पालन पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है:

  1. आवश्यक सामग्री: इस विधि में दो पवित्र वस्तुओं का विशेष महत्व है—भोजपत्र (एक विशिष्ट वृक्ष की छाल, जिसे प्राचीन काल में लेखन का सबसे शुद्ध माध्यम माना गया है) और केसर (जो अपनी सुगंध और शुद्धता के कारण तंत्र में स्याही के रूप में प्रयुक्त होती है)।

  2. लेखन प्रक्रिया: अनार की कलम या किसी पवित्र काष्ठ से भोजपत्र पर बीज मंत्रों को श्रद्धापूर्वक अंकित किया जाता है। यह एक प्रकार का यंत्र लेखन है, जिसे पूर्ण एकाग्रता से किया जाता है।

  3. अभिमंत्रण एवं दर्शन: तैयार यंत्र को प्रसव पीड़ा से जूझ रही (मूढ़ गर्भ की स्थिति वाली) महिला को श्रद्धापूर्वक दिखाया जाता है।

  4. स्थापन: अंत में, इस अभिमंत्रित भोजपत्र को उस महिला के बिस्तर (बिछावन) के नीचे सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता है। लोक-मान्यता है कि इसकी उपस्थिति से वातावरण में एक सुरक्षा-कवच का निर्माण होता है, जिससे प्रसव प्रक्रिया सुखपूर्वक संपन्न होती है।

📖 पारिभाषिक शब्दावली (Glossary)

शब्दसरल अर्थ
भोजपत्रहिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले वृक्ष की छाल, जिस पर मंत्र लेखन करना प्राचीन काल से ही अत्यंत शुभ माना गया है।
केसरतंत्र साधना में प्रयुक्त एक पवित्र और ऊर्जावान जड़ी-बूटी, जिसका उपयोग यंत्रों को अभिमंत्रित करने हेतु किया जाता है।
मूढ़ गर्भगर्भावस्था की वह विषम स्थिति, जहाँ प्रसव में विलंब हो या अत्यधिक शारीरिक कष्ट का अनुभव हो रहा हो।
बिछावनप्रसव काल के दौरान महिला का विश्राम स्थल, जहाँ ऊर्जा के संतुलन हेतु इस यंत्र को स्थापित किया जाता है।

No review given yet!

Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products
You may also like
महा शक्तिशाली सर्व दुख निवारक खड़क रावण स्वयं सिद्ध मंत्र।
₹1.00
खतरनाक तांत्रिक शरीर सुरक्षा स्वयं सिद्ध बंगाली मंत्र
₹1.00
शाबर कोर्स
₹2,100.00
नज़र दोष नाशक: स्वयंसिद्ध शाबर मंत्र
₹1.00
भूत प्रेत भागने के लिए स्वयं सिद्ध शक्तिशाली तेल
₹2,100.00
Total price :
  (Tax : )