महा शक्तिशाली सर्व दुख निवारक खड़क रावण स्वयं सिद्ध मंत्र
यह मंत्र भगवान शिव के रौद्र और संरक्षक स्वरूप को समर्पित है, जो नकारात्मक शक्तियों का विनाश करने और सुरक्षा कवच प्रदान करने में समर्थ है।
"ॐ नमः पशुपतये ॐ नमो भूत अधिपतये ॐ नमो रूद्राय खड्गरावण विहर विहर सर सर नृत्य नृत्य श्मशान भस्मार्चितशरीराय घण्टाकपाल मालादिधराय व्याघ्रचर्मपरिधानाय शशांककृतशेखराय कृष्णसर्पयज्ञोपवीतिने चल चल वल्गु वल्गु अनिवर्त्त कपालिने हन हन भूतान् त्रासय त्रासय मण्डलमध्ये कट कट रुद्रांकुशेन शमय प्रवेशय आवेशय आवेशय चण्डासि धराधिपति रुद्र ज्ञापय स्वाहा"
इस मंत्र की सिद्धि और प्रभावकारिता के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
नित्य जाप: मंत्र का प्रतिदिन 117 बार शुद्ध उच्चारण के साथ जाप करें।
हवन प्रक्रिया: मंत्र की ऊर्जा को जागृत करने के लिए प्रतिदिन 117 बार हवन अवश्य करें।
साधना काल: पूर्ण फल की प्राप्ति और विशेष लाभ के लिए इस साधना को 93 दिनों तक निरंतर जारी रखें।
शुचिता: साधना के दौरान शारीरिक और मानसिक शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर या कार्यस्थल से किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों, बुरी दृष्टि या ऊपरी बाधाओं का सदैव के लिए अंत होता है।
सुरक्षा कवच: यह मंत्र साधक के चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा घेरा निर्मित करता है।
आत्मबल में वृद्धि: भगवान रुद्र की कृपा से साधक का भय दूर होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
साधना करते समय विधि-विधान की स्पष्टता अत्यंत आवश्यक है। यदि आपके मन में कोई शंका हो या आप प्रक्रिया को और गहराई से समझना चाहते हैं, तो हमारे केंद्र के विशेषज्ञ मार्गदर्शकों से परामर्श अवश्य लें।
परामर्श का समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक।
संपर्क सूत्र: 7668607892
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