तंत्र शास्त्र में 'स्वयं-सिद्ध' मंत्र वे होते हैं, जिन्हें जागृत करने के लिए किसी जटिल अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं होती। पूर्ण विश्वास और सटीक विधि के साथ इनका प्रयोग करते ही ये अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते हैं। यह 'तंत्र-पलटानी' मंत्र नकारात्मक ऊर्जाओं को काटने और ऊपरी बाधाओं के प्रभाव को नष्ट करने का एक अत्यंत उग्र और प्रभावी उपाय है।
विशेष नोट: इस मंत्र में प्रयुक्त शब्द ईश्वर का अपमान नहीं हैं, बल्कि यह तंत्र जगत की एक 'उग्र दुहाई' है, जिसके दबाव में आकर नकारात्मक शक्तियाँ साधक के आदेश का पालन करने के लिए विवश हो जाती हैं।
यह क्रिया मुख्य रूप से "पलटानी" (Reversal) सिद्धांत पर आधारित है:
नकारात्मक प्रभाव का नाश: किसी भी प्रकार की बुरी नजर, ऊपरी हवा या तंत्र-मंत्र के असर को जड़ से खत्म करने हेतु।
प्रभाव निवारण: यदि किसी व्यक्ति पर किसी हानिकारक तांत्रिक क्रिया या तेल का प्रयोग किया गया हो, तो यह मंत्र उसे तुरंत काट देता है।
दृष्टि दोष: आँखों में अचानक आई किसी unexplained समस्या या नकारात्मक दृष्टि प्रभाव को दूर करने में यह रामबाण है।
शुद्ध जल: एक तांबे या मिट्टी के पात्र में ताजा जल।
आसन: कुशा या ऊन का एक स्वच्छ आसन (साधक और रोगी के लिए)।
तीव्र लय का जाप: साधक शांत मन से बैठें और मंत्र का जाप तीव्र गति (Fast Rhythm) में करें। ध्यान रहे, लय का टूटना वर्जित है।
जल को अभिमंत्रित करना: मंत्र जाप के साथ-साथ पात्र में रखे जल पर निरंतर फूंक (फूत्कार) मारें। इससे मंत्र की ध्वनि तरंगें जल में समाहित होकर उसे 'शक्तिशाली' बना देती हैं।
उपचार: इस अभिमंत्रित जल की बूंदों को रोगी की आँखों पर तीव्र गति से छिड़कें।
महत्वपूर्ण नियम: जल छिड़कते समय रोगी को अपनी आँखें खुली रखनी होती हैं। जल की बूंदें सीधे आँखों के भीतर जानी चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव तुरंत कट सके।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products