बंगाली मंत्र विद्या कोर्स ,,सभी दुखों का समाधान X
खतरनाक कालग्नितेजस मारण मंत्र साधना
(0) 0 Reviews 0 Orders 0 Wish listed
₹11,000.00
Document :
Quantity :
Total price :
  (Tax : )

खतरनाक कालग्नितेजस मारण मंत्र साधना - तंत्र शास्त्र के अगाध सागर में कई ऐसी गुप्त और अत्यंत उग्र विधाओं का वर्णन है, जिनका आह्वान केवल तब किया जाता है जब जीवन पर घोर संकट मंडरा रहा हो। "कालािनतेजस मारण साधना" एक ऐसी ही अचूक और संहारक शक्ति पर आधारित अनुष्ठान है। इस साधना का एकमात्र उद्देश्य केवल और केवल 'आत्मरक्षा' है, जब विरोधी से बचने के सारे मार्ग पूरी तरह समाप्त हो चुके हों।

⚠️ अत्यंत महत्वपूर्ण एवं वैधानिक चेतावनी (Disclaimer):

यह एक तीव्र और अत्यंत उग्र मारण विद्या है। इस साधना का कभी भी किसी निर्दोष, ईर्ष्या-द्वेष या छोटे-मोटे आपसी विवाद के लिए उपयोग न करें। अनुचित या दुर्भावना से किया गया प्रयोग साधक के स्वयं के विनाश का कारण बन सकता है। यदि वास्तविक जीवन में कोई अत्यंत शक्तिशाली शत्रु आपके या आपके परिवार के प्राणों के पीछे पड़ा हो और जान-माल का घोर खतरा हो, तब ही अपनी पूर्ण सुरक्षा के लिए इस विधान को अपनाएं।

1. साधना की आवश्यक सामग्री एवं पुतला निर्माण विधि

इस तांत्रिक अनुष्ठान को संपन्न करने के लिए अत्यंत विशिष्ट और दुर्लभ सामग्रियों की आवश्यकता होती है:

  • शत्रु के पैर की धूल: किसी भी मंगलवार के दिन, शत्रु ने जहाँ बिना जूते-चप्पल के (नंगे पैर) कदम रखा हो, वहाँ की पवित्र मिट्टी या धूल।

  • पुतले की सामग्री: सामान्य मिट्टी, गोमूत्र और एक पुरानी, जंग लगी हुई लोहे की कील।

  • साधक की वेशभूषा: काला आसन, काले वस्त्र और सिर पर बांधने के लिए काला फेंटा (पगड़ी)। मुख्य आसन के ऊपर व्याघ्र चर्म या उसका स्वीकृत विकल्प होना अनिवार्य है।

  • माला व स्थान: सिद्ध रुद्राक्ष की माला और नदी के किनारे एकांत स्थान पर मिट्टी या ईंटों से निर्मित एक चौकोर वेदी।

पुतले के निर्माण की विशेष तांत्रिक विधि:

  1. एकत्र की गई शत्रु के पैर की धूल में सामान्य मिट्टी और गोमूत्र मिलाकर उसे अच्छी तरह गूंथ लें।

  2. अब इस मिट्टी से शत्रु की एक स्पष्ट आकृति (पुतला या मूर्ति) तैयार करें।

  3. लिंग निर्धारण: शत्रु यदि पुरुष है तो पुतले में पुरुष रूप, और यदि स्त्री है तो स्त्री रूप का स्पष्ट अंकन अवश्य करें।

  4. पुतला पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद, उसकी छाती (हृदय स्थान) में जंग लगी हुई लोहे की कील को गहराई से चुभा दें।

2. साधना की विस्तृत चरणबद्ध विधि एवं नियम

यह साधना पूर्णतः निर्जन स्थान और एकाग्रता की मांग करती है। इसके चरण निम्नलिखित हैं:

  • चरण 1 (स्थान और स्थापना): नदी के किनारे किसी एकांत और निर्जन स्थान का चयन करें। वहाँ ईंट या मिट्टी से एक चौकोर वेदी का निर्माण करें। इस वेदी पर भगवान महाकाल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और ठीक बगल में शत्रु का तैयार किया गया पुतला रख दें।

  • चरण 2 (दिशा व चक्र): साधक को दक्षिण दिशा (South) की ओर मुख करके बैठना है। काले वस्त्र, काला आसन (ऊपर व्याघ्र चर्म) और सिर पर काला फेंटा धारण करें।

  • चरण 3 (स्मरण और संकल्प): साधना का प्रारंभ करने से पहले विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश, अपने दीक्षा गुरुदेव, स्थान देवता और श्मशान देवता का ध्यान करें। उनसे अपनी सुरक्षा और साधना की सफलता की प्रार्थना करें, तत्पश्चात शत्रु दमन का दृढ़ संकल्प लें।

3. मंत्र जप संख्या एवं समयावधि

इस उग्र मंत्र की ऊर्जा को जाग्रत करने के लिए कड़े संख्या नियमों का पालन करना होता है:

साधना कारकनियम एवं संख्या
दैनिक जप संख्यासिद्ध रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन १०,००० (दस हजार) बार मुख्य मंत्र का स्पष्ट पाठ।
कुल अवधियह तांत्रिक प्रक्रिया लगातार २९ दिनों तक बिना किसी रुकावट (खंडन) के करनी होती है।
मंत्र निर्देश(साधना के दौरान प्रयुक्त होने वाले मूल महामंत्र में 'अमुकं' के स्थान पर अपने वास्तविक शत्रु का नाम अत्यंत स्पष्टता से लिया जाता है)

प्रभाव: तंत्र शास्त्र के प्रामाणिक सिद्धांतों के अनुसार, इस निर्दिष्ट समयावधि के भीतर ही तीव्र ऊर्जाएं सक्रिय हो जाती हैं, जिससे शत्रु के अनैतिक प्रयासों का शमन होता है और साधक का परिवार पूरी तरह सुरक्षित और निष्कंटक हो जाता है।

No review given yet!

Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products
You may also like
गुरुजी से प्रत्यक्ष भेंट
₹2,100.00
दिव्य मंत्र-सिद्ध 'सुरक्षा कवच' गंगाजल
₹1,299.00
अखंड भारत प्रतीक-अशोक स्तंभ:(Akhand Bharat Prateek - Ashoka Pillar)
₹170.00
रंग-बिरंगे बाल गणेश:(Rang Birange Baal Ganesh)
₹225.00
पंच-स्वर गणेश:संगीत मंडली:(Panch-Swar Ganesha Musical Set)
₹390.00
Total price :
  (Tax : )