इस पृष्ठ में दिया गया मुख्य मंत्र "कामाख्या पुष्प मोहिनी मन्त्र" है। यहाँ इस मंत्र का शुद्ध पाठ और उसे सिद्ध करने की पूर्ण विधि दी गई है:
## कामाख्या पुष्प मोहिनी मन्त्र
> ‘ॐ नमो कामरू कामाख्या देवी जहाँ बसे इस्माईल योगी। योगी ने लगाई फुलवारी फूल लोढ़ै लोना चमारी एक फूल हँसे दूजे फूल मुसकियाय तीजे फूल में छोटे बड़े नरसिंह आय जो सूँघे इस फूल की बाँस वह चल आवै हमारे पास दुश्मन को जाई लिया फिरै मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।’
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### साधना एवं प्रयोग विधि
इस मंत्र का प्रयोग किसी व्यक्ति को आकर्षित (मोहित) करने के लिए किया जाता है। पुस्तक के अनुसार इसकी पूर्ण विधि निम्नलिखित है:
१. साधना की शुरुआत:
* इस मंत्र की साधना किसी भी रविवार से प्रारम्भ करनी चाहिए।
* यह साधना निरंतर २१ दिनों तक चलती है।
२. नित्य नियम:
* प्रतिदिन मंत्र का १०८ बार (एक माला) जाप करना अनिवार्य है।
* जाप के दौरान उचित पूजन सामग्री से देवी कामाख्या का पूजन करें।
३. मंत्र को सिद्ध करना:
* २१ दिनों तक श्रद्धापूर्वक जाप करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है।
४. प्रयोग (इस्तेमाल) करने का तरीका:
* जब मंत्र सिद्ध हो जाए, तब किसी भी सुगंधित फूल (जैसे गुलाब, चमेली आदि) को हाथ में लेकर इस मंत्र से अभिमंत्रित करें (मंत्र पढ़कर उस पर फूंक मारें)।
* इसके बाद वह फूल जिस भी व्यक्ति को सुंघाया जाएगा, वह साधक के प्रति मोहित (आकर्षित) हो जाएगा।
> विशेष नोट: यह जानकारी केवल आपके द्वारा दी गई छवि के अनुवाद और लिप्यंतरण पर आधारित है। आध्यात्मिक कार्यों में सफलता के लिए व्यक्तिगत श्रद्धा और शुचिता का होना आवश्यक माना जाता है।
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