भारतीय शाबर तंत्र परंपरा में अपने निवास स्थान और परिवार की सुरक्षा के लिए कई अचूक उपाय बताए गए हैं। "घर बंधन प्रयोग" का मुख्य उद्देश्य अपने घर, परिवार और रहने के स्थान को नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी नजर, तांत्रिक अभिचार (टोने-टोटके) और ऊपरी हवाओं के कुप्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित रखना है। यह शाबर मंत्र अत्यंत प्रभावशाली, तीव्र गति से कार्य करने वाला और साधक को एक अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करने वाला माना जाता है।
| विषय | नियम व निर्देश |
| मुख्य उद्देश्य | घर और परिवार को नजरदोष, तंत्र-बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रखना। |
| सुरक्षा अवधि | इस प्रयोग की प्रभाव अवधि २ वर्ष तक रहती है, जिसके बाद इसे पुनः दोहराया जाता है। |
| प्रधान सामग्री | १ पीस बेदाग नींबू, ४ पीस लोहे या स्टील की कीलें, सिंदूर और कलावा। |
| मंत्र आवृत्ति | नींबू और कीलों को अभिमंत्रित करने के लिए क्रमशः २१ (21) बार पाठ। |
| शुभ दिशा | प्रयोग करते समय साधक का मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) की ओर होना चाहिए। |
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💡 विशेष निर्देश: शाबर मंत्रों की संपूर्ण शक्ति उनके मूल और अनगढ़ स्वरूप में ही समाहित होती है। इसलिए इसके शब्दों या व्याकरण में अपनी ओर से कोई बदलाव न करें। जैसा लिखा है, वैसा ही स्पष्ट और ऊंचे स्वर में इसका लयबद्ध पाठ करें।
इस सुरक्षा प्रयोग को पूरी श्रद्धा, एकाग्रता और शारीरिक-मानसिक पवित्रता के साथ निम्नलिखित चरणों में संपन्न करें:
चरण १ (शुचि): सर्वप्रथम स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ व सात्विक वस्त्र धारण करें।
चरण २ (आसन): घर के पूजा स्थल पर या किसी शांत स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशा या साफ आसन पर बैठ जाएं।
चरण ३ (नींबू अभिमंत्रण): एक साफ और बेदाग नींबू को अपने दाहिने हाथ में रखें। ऊपर दिए गए शाबर मंत्र का स्पष्ट आवाज में २१ बार पाठ करें। हर बार मंत्र पूरा होने पर नींबू पर मुख से एक हल्की फूंक (फूत्कार) मारें।
चरण ४ (कील अभिमंत्रण): इसी प्रकार, स्टील या लोहे की चारों कीलों को भी अपने हाथ में लेकर मंत्र का २१ बार पाठ करते हुए फूंक मारकर अभिमंत्रित कर लें।
नींबू का स्थापन: अभिमंत्रित किए गए नींबू को घर के मुख्य चौखट (मुख्य द्वार) के पास या घर के चारों कोनों के मध्य में भूमि के अंदर सुरक्षित रूप से दबा (दफन कर) दें। यदि फर्श पक्का हो, तो इसे मुख्य द्वार के ऊपर टांग सकते हैं या प्रवेश द्वार के पास रखे किसी गमले की शुद्ध मिट्टी में भी दबाया जा सकता है।
कील का स्थापन: अभिमंत्रित की गई चारों स्टील या लोहे की कीलों को घर के चारों कोनों की दीवारों में या मुख्य चौखट के चारों तरफ ठोक (लगा) दें।
अदृश्य सुरक्षा कवच (चौकी): जैसे ही कील और नींबू के स्थापन की यह प्रक्रिया पूरी होती है, क्षेत्रपाल और भैरव वीर की सूक्ष्म शक्तियां जाग्रत हो जाती हैं। इनके प्रभाव से आपके घर के चारों तरफ एक अदृश्य सुरक्षा दीवार (तांत्रिक चौकी) निर्मित हो जाती है।
नकारात्मकता का निषेध: इस सुरक्षा चक्र के सक्रिय होने के बाद अगले २ वर्षों तक कोई भी बुरी नजर, तांत्रिक मारण-मोहन-उच्चाटन या ऊपरी हवा घर की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाती और परिवार के सदस्य सुख-शांति का अनुभव करते हैं।
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