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घी वशीकरण सिद्ध करने का बंगाली मंत्र
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वशीकरण प्रयोग: घी सिद्ध करने का बंगाली मंत्र

यह प्रयोग पारंपरिक तंत्र शास्त्र के अंतर्गत आता है, जहाँ विशिष्ट मंत्रों के द्वारा खाद्य पदार्थों (जैसे गाय के घी) को अभिमंत्रित करके उपयोग में लाया जाता है। छात्रों और साधकों के अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन हेतु इसका विस्तृत, प्रामाणिक एवं व्यवस्थित विवरण नीचे दिया जा रहा है:

1. प्रयोग की सरल विधि

इस साधना को संपन्न करने के लिए निम्नलिखित चरणों और नियमों का पालन किया जाता है:

  • आवश्यक सामग्री: इस प्रयोग के लिए पूर्णतः शुद्ध गाय का घी आवश्यक है। मिलावटी या कृत्रिम घी का उपयोग वर्जित है।

  • अभिमंत्रण की प्रक्रिया: जिस किसी व्यक्ति को अपने अनुकूल करना हो, उसे मन में स्मरण करते हुए ऊपर दिए गए बंगाली मंत्र का पूर्ण एकाग्रता के साथ जाप करें। गाय के घी को सामने रखकर या उसे देखते हुए 108 बार मंत्र पढ़कर घी को अभिमंत्रित करना होता है।

  • समयावधि: यह प्रक्रिया शुरुआत में लगभग 21 दिन तक लगातार की जानी चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे इसकी आवृत्ति कम करते जाएं। जब आपका कार्य सिद्ध हो जाए, तो इस प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर सकते हैं।

  • अंतिम प्रयोग: इस प्रकार पूरी श्रद्धा से अभिमंत्रित किया हुआ घी जिस भी व्यक्ति को भोजन या किसी अन्य खाद्य पदार्थ के माध्यम से खिलाया जाता है, वह साधक के अनुकूल (वश में) हो जाता है।

2. विशेष ध्यान देने योग्य बातें (साधकों के लिए विस्तृत निर्देश)

मंत्र विज्ञान की सफलता उसकी सूक्ष्मताओं में छिपी होती है, इसलिए साधक को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • शुद्धता और स्पष्टता: तंत्र और मंत्र विज्ञान में शब्दों की ध्वनि तरंगों (Sound Vibrations) का सबसे अधिक महत्व होता है। इसलिए, "ओ सिद्ध सिद्धेश्वरीर माथा खावो" जैसी बंगाली शब्दावली का उच्चारण करते समय अक्षरों को आपस में न मिलाएँ। प्रत्येक शब्द का उच्चारण अत्यंत स्पष्ट और शुद्ध होना चाहिए।

  • मानसिक एकाग्रता: मंत्र का जाप करते समय मन में किसी भी प्रकार का भटकाव, शंका या नकारात्मक विचार नहीं होना चाहिए। पूर्ण श्रद्धा, अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ किया गया प्रयोग ही फलीभूत होता है।

  • सद्भावना और विवेक: इस प्रकार के प्राचीन प्रयोगों का उद्देश्य आपसी मतभेदों को दूर करना और संबंधों में मधुरता लाना होना चाहिए। इसका उपयोग किसी को नुकसान पहुँचाने या अनुचित लाभ उठाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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